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बदला है तुम्हारा मन क्या?
तारीख बदली है साल बदला है पर बदला है तुम्हारा मन क्या? है जश्न चारों ओर उमंग का न बूझे छोर पर क्या खोज पाए हो अपने मन की डोर? फैला है चहुँओर...
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अंडररेटेड काम ओवररेटेड सम्मान कुछ और कर पाने में रहे नाकाम इसलिए बन गए शिक्षक राम यही लगता है न तुम्हें? तो सुनो, ये शिक्षक ही ओवररेटेड ज...
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ट्रिंग-ट्रिंग की आवाज़ सुन, मैंने उठाया फ़ोन, हैलो के बाद पूछा- 'जी आप कौन?' आवाज़ आई- 'राकेश है, राकेश?' मैंने कहा-जी र...
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Mother's Day. Friends, I am not going to exaggerate about my mother. I just wish to write about a woman who is just an outstanding. Sh...
Nice one .. यूँ तो सभी को ज़िंदगी में सब पूरा चाइए मगर
ReplyDeleteआधा इश्क़ और आधा चाँद इसका मज़ा कुछ और ही है...
Sach :)
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